प्रभु प्रकाश हो तू मेरा निशान

 


प्रभु प्रकाश हो, तू मेरा निशान
चलूं मैं तेरी ओर तुझी को जान।
तू मुझे राह दिखा, तू हर एक पल
हो दिन और रात मेरा जीवन और बल


हो मेरी बुद्धि, और मेरा मन खोल
मुझ में कर बास प्रभु तू मुझ में बोल
हो मेरा प्रेम तू और हो मेरा धर्म
कर मुझ में सर्वथा अपना सिद्ध कर्म


हो मेरा खड्ग, प्रभु हो मेरी ढाल,
हो मेरी आड़ तू, और मेरा रखवाल।
पाप पर और श्राप पर तू कर मेरी जीत,
हो मेरा जयफल, हे स्वामी और मीत


आदर और धन को मैं जानता वृथा,
तू मेरा भाग प्रभु, तू ही सदा।
तू मेरा प्रिय है, प्राण का निज प्राण
होगा युगानयुग तू मेरा नित्य गान


हे मेरे प्रभु जब अन्त हो संग्राम,
पूर्ण जब हो यात्रा और सिद्ध जब हो काम
मुझे न छोड़ तू, पर मृत में रह पास
मेरा प्राण ले और दे स्वर्ग में निवासcccc

https://youtu.be/7BCYbrZAlSM?si=EoajV1uHVqr40HeM

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